kashmir issue in UNSC में कश्मीर मुद्दे का क्या हुआ

kashmir issue in Unsc

 क्यों हो रही है मीटिंग?

पाकिस्तान ने कश्मीर पर यूएनएससी की आपातकालीन बैठक की मांग की। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यूएन में पाकिस्तान की स्थाई प्रतनिधि मलीहा लोधी के जरिए यूएनएससी के प्रेजिडेंट जोना रॉनेका को चिट्ठी लिखकर इसकी मांग की। वह पिछले शुक्रवार को चीन की राजधानी पेइचिंग पहुंचे थे और चीन से अपील की थी कि वह कश्मीर मुद्दे को यूएन सिक्यॉरिटी काउंसिल में उठाने में पाकिस्तान का साथ दे। चीन ने पाकिस्तान की इसी गुहार पर सिक्यॉरिटी काउंसिल की मीटिंग की मांग की।ashmir issue in UNSC

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क्या कह रहा है पाकिस्तान? kashmir issue in UNSC

कुरैशी आज होने वाली मीटिंग को पाकिस्तान की ऐतिहासिक राजनयिक उपलब्धि के तौर पर पेश कर रहे हैं। उनका कहना है कि कश्मीर मुद्दे पर 40 साल बाद यूएनएससी चर्चा करने पर राजी हुआ है।

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भारत ने क्या कहा? kashmir issue in UNSC

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी चीन गए और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ मुलाकात में स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर भारत का आंतिरक मामला है। उन्होंने दोटूक कहा कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अस्थायी सांवैधानिक प्रावधानों को खत्म करने से वहां बेहतर प्रशासन और विकास को गति दी जा सकेगी।

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क्या पाकिस्तान भी होगा मीटिंग में?

पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे पर चर्चा के दौरान अपने प्रतिनिधि की मौजूदगी और अपने विचार रखने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उसे यह इजाजत नहीं दी गई है। दरअसल, सिक्यॉरिटी काउंसिल की इस तरह की औपचारिक बैठक तभी बुलाई जा सकती है जब उसके कुल 15 में से कम-से-कम 9 सदस्य देश इस प्रस्ताव से राजी हों।

भारत द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त किए जाने के बाद पाकिस्तान ने यूएनएससी से कश्मीर मसले पर बैठक बुलाने की मांग की थी. दरअसल, अनुच्छेद 370 और 35ए के प्रावधानों के तहत ही जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त था. सुरक्षा परिषद में शामिल चीन को छोड़कर बाकी सभी चारों स्थायी सदस्यों ने प्रत्यक्ष तौर पर नई दिल्ली के इस रुख का समर्थन किया है कि यह विवाद भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मसला है. अमेरिका ने भी कहा है कि कश्मीर के संबंध में हालिया घटनाक्रम भारत का आंतरिक मसला है. बुधवार को सीरिया और मध्य अफ्रीका के संबंध में विचार-विमर्श था, लेकिन चीन ने परिषद को पत्र लिखकर पाकिस्तान का मसला लाने का आग्रह किया.kashmir issue in UNSC

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में कश्मीर का मुद्दा उठाने की तमाम कोशिशों के बावजूद पाकिस्तान को मायूसी ही हाथ लगी है. चीन के समर्थन के बाद अब शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बंद कमरे में कश्मीर मुद्दे को लेकर चर्चा होगी. मोदी सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे से जुड़े अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को खत्म कर दिया था जिसके बाद से ही पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे को उठाने की बार-बार धमकियां दे रहा था.kashmir issue in UNSC

इससे पहले, पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर सुरक्षा परिषद में खुली चर्चा कराने की तीन बार कोशिश की लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली. पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पर्याप्त सदस्यों का समर्थन ही नहीं जुटा सका. बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में औपचारिक बैठक का प्रस्ताव लाने के लिए 15 सदस्य देशों में से कम से कम 9 सदस्य देशों का समर्थन जरूरी होता है. kashmir issue in UNSC

पाकिस्तान ने 13 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कश्मीर मुद्दे पर आपातकालीन बैठक बुलाने की अपील की थी. पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यूएनएससी अध्यक्ष जोआना रेकोनाका को खत लिखकर ‘भारत-पाकिस्तान’ के एजेंडे के तहत कश्मीर मुद्दे को शामिल कर औपचारिक चर्चा कराने के लिए कहा था लेकिन कामयाबी नहीं मिली.kashmir issue in UNSC

आखिरी बार जम्मू-कश्मीर से संबंधित मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में औपचारिक बैठक 1971 में हुई थी. बंद दरवाजे में बैठक का बस एक मकसद होता है कि सदस्य देश मुद्दे पर अनौपचारिक तौर पर अपनी राय रख सकें. इस बैठक की कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती है और ना ही इसका कोई भी रिकॉर्ड मौजूद होता है. इसमें सिर्फ सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य ही हिस्सा लेते हैं. इस बैठक में उन देशों को भी हिस्सा नहीं लेने दिया जाता है, जिनसे संबंधित मुद्दे पर चर्चा होती है.kashmir issue in UNSC

सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर यूएनएससी में औपचारिक बैठक चाह रहा था और उसने अपनी बात रखने की अनुमति भी मांगी थी. लेकिन जब उसकी सारी कोशिशें नाकाम रहीं तो चीन ने हस्तक्षेप करते हुए अनौपचारिक चर्चा शुरू कराने की मांग की. संयुक्त राष्ट्र की कार्यवाही से परिचित एक पूर्व राजनयिक ने बताया, संगठन का कोई भी सदस्य किसी भी मुद्दे पर ऐसे परामर्श की अपील कर सकता है. इसे औपचारिक बैठक नहीं माना जाता है. kashmir issue in UNSC

भारत के साथ रूस kashmir issue in UNSC

संयुक्त राष्ट्र में रूसी राजदूत ने बुधवार को कहा था कि रूस केवल तभी कश्मीर चर्चा में भाग लेगा जब यह बैठक बंद कमरे में होगी. रूस ने साफ कर दिया था कि भारत-पाकिस्तान के बीच विवाद द्विपक्षीय स्तर पर सुलझाए जाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है. रूस ने यह भी कहा था कि संयुक्त राष्ट्र में रूसी प्रतिनिधि भी इसी रुख पर कायम रहेंगे. इसका मतलब साफ था कि संयुक्त राष्ट्र में भारत के खिलाफ किसी भी प्रस्ताव पर रूस समर्थन नहीं करेगा

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चीन पाकिस्तान के साथ kashmir issue in UNSC

हालांकि, चीन का पाकिस्तान को समर्थन देना कोई हैरानी भरा कदम नहीं है. पुलवामा हमले के बाद भी बीजिंग जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने की प्रक्रिया में रोड़ा अटकाने की कोशिश की थी. हालांकि, यूएस, फ्रांस और यूके द्वारा मसूद अजहर पर बैन लगाने के लिए सुरक्षा परिषद में सीधे प्रस्ताव लाने की चेतावनी के बाद बीजिंग ने घुटने टेक दिए थे.

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5जी सेवा पर भी पडेगा असर  kashmir issue in UNSC

Huawei का भारत में 5G ट्रायल के लिए दिख रहा है इंटरेस्ट kashmir issue in UNSC

भारत सरकार को अब यह निर्णय लेना है कि चीनी टेक्नोलॉजी और इक्वीपमेंट निर्माता कंपनी Huawei को भारत में 5G की ट्रायल की अनुमति देनी चाहिए या नहीं। आपको बता दें कि Huawei पर अमेरिका ने पहले बैन लगाया था, बाद में कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। Huawei ने भारत में 5G ट्रायल के लिए देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी Vodafone Idea के साथ हाथ मिलाया है। अब Huawei को भारत सरकार के फैसले का इंतजार है कि सरकार उसे ट्रायल की इजाजत देती है कि नहीं।

भारत ने अभी तक नहीं लिया कोई निर्णय

हालांकि, भारत ने अभी इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है कि वह हुआवे पर प्रतिबंध लगाएगा या चीन की दूरसंचार उपकरण कंपनी को आगामी 5जी परीक्षणों में भाग लेने की अनुमति देगा। चीन के शेन्झेन की इस कंपनी ने बयान में कहा, ”भारत सरकार या किसी अन्य देश को अपने मानकों, परीक्षण प्रणाली और नीतियों के जरिए अपने नेटवर्क और डाटा की सुरक्षा के लिए स्वतंत्र तरीके से राय बनानी चाहिए। प्रमाणों और तथ्यों के आधार पर साइबर सुरक्षा जोखिमों से निपटा जाना चाहिए। डर से किसी को प्रतिबंधित करने के बजाय जांच और निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।” kashmir issue in UNSC

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