नाग पंचमी 2019

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हिंदू धर्म में देवी देवताओं की पूजा उपासना के लिये व्रत व त्यौहार मनाये ही जाते हैं साथ ही देवी-देवताओं के प्रतिकों की पूजा अर्चना करने के साथ साथ उपवास रखने के दिन निर्धारित हैं। नाग पंचमी एक ऐसा ही पर्व है। नाग जहां भगवान शिव के गले के हार हैं। वहीं भगवान विष्णु की शैय्या भी। लोकजीवन में भी लोगों का नागों से गहरा नाता है। इन्हीं कारणों से नाग की देवता के रूप में पूजा की जाती है। सावन मास के आराध्य देव भगवान शिव माने जाते हैं।nag panchami wishes whatsaap status download 

साथ ही यह समय वर्षा ऋतु का भी होता है जिसमें माना जाता है कि भू गर्भ से नाग निकल कर भू तल पर आ जाते हैं। वह किसी अहित का कारण न बनें इसके लिये भी नाग देवता को प्रसन्न करने के लिये नाग पंचमी की पूजा की जाती हैnag panchami wishes whatsaap status download 

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नाग पंचमी और श्री कृष्ण का संबंध

नाग पंचमी की पूजा का एक प्रसंग भगवान श्री कृष्ण से जुड़ा हुआ भी बताते हैं। बालकृष्ण जब अपने दोस्तों के साथ खेल रहे थे तो उन्हें मारने के लिये कंस ने कालिया नामक नाग को भेजा। पहले उसने गांव में आतंक मचाया। लोग भयभीत रहने लगे। एक दिन जब श्री कृष्ण अपने दोस्तों के साथ खेल रहे थे तो उनकी गेंद नदी में गिर गई। जब वे उसे लाने के लिये नदी में उतरे तो कालिया ने उन पर आक्रमण कर दिया फिर क्या था कालिया की जान पर बन आई। भगवान श्री कृष्ण से माफी मांगते हुए गांव वालों को हानि न पंहुचाने का वचन दिया और वहां से खिसक लिया। कालिया नाग पर श्री कृष्ण की विजय को भी नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है।नाग पंचमी 2019

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क्यों करते हैं नाग पंचमी पूजा nag panchami wishes

नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने के उपरोक्त धार्मिक और सामाजिक कारण तो हैं ही साथ ही इसके ज्योतिषीय कारण भी हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में योगों के साथ-साथ दोषों को भी देखा जाता है। कुंडली के दोषों में कालसर्प दोष एक बहुत ही महत्वपूर्ण दोष होता है। काल सर्प दोष भी कई प्रकार का होता है। इस दोष से मुक्ति के लिये भी ज्योतिषाचार्य नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने के साथ-साथ दान दक्षिणा का महत्व बताते हैं।नाग पंचमी 2019

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नाग पंचमी पर क्या करें क्या न करें

इस दिन भूमि की खुदाई नहीं की जाती। नाग पूजा के लिये नागदेव की तस्वीर या फिर मिट्टी या धातू से बनी प्रतिमा की पूजा की जाती है। दूध, धान, खील और दूब चढ़ावे के रूप मे अर्पित की जाती है। सपेरों से किसी नाग को खरीदकर उन्हें मुक्त भी कराया जाता है। जीवित सर्प को दूध पिलाकर भी नागदेवता को प्रसन्न किया जाता है।nag panchami wishes

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देवों की सेवा में समर्पित हैं नाग nag panchami wishes

पुराणों में यक्ष, किन्नर और गन्धर्वों के वर्णन के साथ-साथ नागों का भी वर्णन मिलता है। भगवान विष्णु की शय्या की शोभा नागराज शेष बढ़ाते हैं। भगवान शिव के अलंकरण में वासुकी की महत्वपूर्ण भूमिका है। योगसिद्धि के लिए जो कुण्डलिनी शक्ति जागृत की जाती है, उसको सर्पिणी कहा जाता है। पुराणों में भगवान सूर्य के रथ में द्वादश नागों का उल्लेख मिलता है, जो क्रमश: प्रत्येक मास में उनके रथ के वाहक बनते हैं। इस प्रकार अन्य देवताओं ने भी नागों को धारण किया है।

नाग देवता हैं पूज्य nag panchami wishes

नाग देवता भारतीय संस्कृति में देवरूप में स्वीकार किये गये हैं। कश्मीर के जाने-माने संस्कृत कवि कल्हण ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘राजतरंगिणी’ में कश्मीर की सम्पूर्ण भूमि को नागों का अवदान माना है। वहाँ के प्रसिद्ध नगर अनन्तनाग का नामकरण इसका ऐतिहासिक प्रमाण है। देश के पर्वतीय प्रदेशों में नागपूजा बहुतायत से होती है। यहाँ नागदेवता अत्यन्त पूज्य माने जाते हैं। हमारे देश के प्रत्येक ग्राम- नगर में ग्राम देवता और लोक देवता के रूप में नाग देवताओं के पूजास्थल हैं। भारतीय संस्कृति में सायं-प्रात: भगवत्स्मरण के साथ अनन्त तथा वासुकि आदि पवित्र नागों का नामस्मरण भी किया जाता है, जिनमें नागविष और भय से रक्षा होती है तथा सर्वत्र विजय होती है-

नागमाता ने नागों को दिया भस्म होने का शाप

कद्रू ने नागों को बाल के समान सूक्ष्म बनाकर अश्व के शरीर में प्रवेश होने का निर्देश दिया, किन्तु नागों ने अपनी असमर्थता प्रकट की। इस पर क्रोधित होकर कद्रू ने नागों को शाप दिया कि पाण्डव वंश के राजा जनमेजय नागयज्ञ करेंगे, उस यज्ञ में तुम सब भस्म हो जाओगे।
ब्रह्मा ने दिया शाप मुक्ति का वरदान नाग पंचमी 2019

नागमाता के शाप से भयभीत नागों ने वासुकि के नेतृत्व में ब्रह्मा जी से शाप निवृत्ति का उपाय पूछा। ब्रह्मा जी ने निर्देश दिया कि यायावर वंश में उत्पन्न तपस्वी जरत्कारु तुम्हारे बहनोई होंगे। उनका पुत्र आस्तीकि ही तुम्हारी रक्षा करेगा। ब्रह्मा जी ने पंचमी तिथि को नागों को यह वरदान दिया तथा इसी तिथि पर आस्तीक मुनि ने नागों का परिरक्षण किया था। अत: नाग पंचमी का यह व्रत ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हमारे धर्मग्रन्थों में श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पूजा का विधान है। नाग पंचमी 2019

नाग पंचमी पर्व कृ्षि रक्षा पर्व nag panchami wishes

हमारे यहां उन सभी वस्तुओं को विशेष महत्व दिया जाता है, जो वस्तुएं आजीविका से जुडी होती है. साथ ही कृ्षि प्रधान देश होने के कारण, कृ्षि को बचाने वाले या खेती में प्रयोग होने वाली सभी वस्तुओं को यहां पूजा जाता है. उदाहरण के लिये पौराणिक कथाओं के अनुसार श्री कृ्ष्ण ने भी कहा है कि इन्द्र या अन्य देवों की पूजा करने के स्थान पर गाय, बैल और खेती के उपकरणों की पूजा की जानी चाहिए.

इसके बाद ही गौवर्धन पर्वत की पूजा का प्रसंग सामने आता है. पंचमी तिथि के देव के रुप मे नागों को मान्यता दी गई है. इसलिये पंचमी तिथि में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के लिये यह तिथि और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है.नाग पंचमी 2019

हिन्दू शास्त्रों में नाग पंचमी nag panchami wishes

शास्त्रों के अनुसार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का दिन नाग पंचमी के रुप में मनाया जाता है. इसके अलावा भी प्रत्येक माह की पंचमी तिथि के देव नाग देवता ही है. परन्तु श्रवण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी में नाग देवता की पूजा विशेष रुप से की जाती है. इस दिन नागों की सुरक्षा करने का भी संकल्प लिया जाता है. श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन नागपंचमी का पर्व प्रत्येक वर्ष पूर्ण श्रद्धा व विश्वास के साथ मनाया जाता है.नाग पंचमी 2019

नाग पूजन प्राचीन सभ्यताओं से साथ

नाग पंचमी के दिन नागों का दर्शन करना शुभ होता है. सर्पों को शक्ति व सूर्य का अवतार माना जाता है. हमारा देश धार्मिक आस्था और विश्वास का देश है. हमारे यहां सर्प, अग्नि, सूर्य और पितरों को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है. प्राचीन इतिहास की प्रमाणों को उठाकर देखे तो भी इसी प्रकार के प्रमाण हमारे सामने आते है.

इतिहास की सबसे प्राचीन सभ्यताएं जिसमें मोहनजोदडों, हडप्पा और सिंधु सभ्यता के अवशेषों को देखने से भी कुछ इसी प्रकार की वस्तुएं सामने आई है, जिनके आधार पर यह कहा जा सकता है, कि नागों के पूजन की परम्परा हमारे यहां नई नहीं है. इन प्राचीन सभ्यताओं के अलावा मिस्त्र की सभ्यता भी प्राचीन सभ्यताओं में से एक है. यहां आज भी नाग पूजा को मान्यता प्राप्त है. शेख हरेदी नामक पर्व आज भी यहां सर्प पूजा से जुडा हुआ पर्व है.nag panchami wishes

पर्यावरण से मनुष्य जाति को जोडने वाला पर्व

हिन्दु धर्म-संस्कृ्ति में प्रकृ्ति के प्रत्येक प्राणी, वनस्पति, यहां तक की चल – अचल जगत को भगवान के रुप में देखता है. प्राचीन ऋषि- मुनियों ने सभी पूजाओं, पर्वों, उत्सवों को धर्म भाव से जोडा है. इससे एक ओर ये पर्व व्यक्ति की धार्मिक आस्था में वृ्द्धि करते है. दूसरी ओर अप्रत्यक्ष रुप से ये व्यक्ति को पर्यावरण से जोड रहे होते है. इसी क्रम में नाग को देवप्राणियों की श्रेणी में रखा गया, तथा नागदर्शन और पूजन को विशेष महत्व दिया गया. nag panchami wishes

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